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नारी शक्ति

Posted On: 5 Jan, 2016 Others में

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ये कहानी है एक लड़की की जिसने अपनी पूरी ज़िन्दगी निसार कर दी सिर्फ अपने परिवार के लिए…..और उसे तोफे में क्या मिला सिर्फ धोखा और विलोचना वो भी किसी गैर से नहीं, अपने परिवार वालों से….
हर किसी का बचपन बहुत ही रंगीन और खुशनुमा होता है…याद करो तो वो पल भुलाये नहीं जाते….हर छन एक नयी याद को तरोताज़ा कर देती है…
लेकिन शायद ये पल उस लड़की के ज़िन्दगी में आया ही नहीं…हाँ-हाँ वहीँ लड़की जिसने अपनी पूरी ज़िन्दगी कुर्बान कर दी….सिर्फ अपने माँ -पिता जी की खुशियो के लिए…
प्रिय पाठकों मैं आपको वाकिफ करा दू की शायद ये कहानी आपके आस-पड़ोस, आपके अपने घर के किसी सदस्य की कहानी लगे…लेकिन कभी किसी ने इस बात को शायद ही अमल किया होगा की किसी भी व्यक्ति का अगर बचपन ही छीन गया हो तो उसे कैसा लगता होगा….
इस बात को अगर किसी ने सोचा भी होगा तो बस अफ़सोस भरी नजरो से….लेकिन क्या किसी ने कभी ये नहीं सोचा की इसे कैसे दूर किया जाये..
मेरा तात्पर्य सिर्फ इससे है की क्यों लोग आज भी लड़कियों की कम और नाज़ुक सी उम्र में शादी करना चाहते है,,,,,,क्यों आज भी लोग उनके बचपन को जवानी के नाम पर उसकी हसती मिटाना चाहते है …
ये कहानी है (माला) की..वो चंचल सी मासूम लड़की जिसने अपनी छोटी सी ही उम्र में चौकी-बेलन संभाल लिया था…जिस उम्र में लोगो की बचपन आमतौर पर झूले- झूलने,खेलने में बीतती है उस उम्र में उसने लोगो के ताने -बाने सुने,,हर किसी की ख्वाइस पूरी की…रसोई से लेकर पुरे घर की नींब को सजो कर रखा..
लेकिन जब भी वो लड़की(माला) अपनी छोटी सी ख्वाइस पूरी करनी चाही,खुल कर ज़िन्दगी जीना चाहा, पढाई करना चाहा तो हमेशा उसके पॉव् को जिम्मेदारीयो की जंजीरों ने बाँध रखा..
जब आज उसने इसी ज़िन्दगी को अपना मान लिया…हर एक सदस्य की झोली में खुद को लूटा कर खुशियाँ बटोर कर डाल दी,,,,
(चाहे वो पति हो, भाई हो, बहन हो,नन्द हो, देवर हो, सास हो या ससुर) हर किसी का ख्याल रखा तो जब आज उसे सबके प्यार की जरुरत है..तो लोगो की तरफ से उसे तौफे में धोखा और ताने मिले …आज भी उसकी कुर्बानी परिवार वालों के अहम और स्वार्थी भरे नजरिये के कारण दब कर रह गई …
शायद ये छोटी सी व्याख्या (माला की कहानी) हज़ारो महिलाओं की कहानी से मिलती जुलती होगी…लेकिन हम ऐसा क्या करे जिससे की हम जंजीरो से मुक्त
“हज़ारो माला की ज़िन्दगी” को एक नया मोड़ दे…जिससे आने वाले भारत के नव- युवक सबसे पहले हर व्यक्ति की कदर और आदर करना सिखें..
हर किसी से अनुरोध हैं नारी शक्ति भारत की पहचान है ….इसे बचा कर रखना बहुत जरुरी है…
भारत माता की जय…

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
January 7, 2016

प्रिय संमिता बहुत भावना प्रधान प्यारी छोटी सी कहानी अच्छी कहानी

sanmitadeo के द्वारा
January 7, 2016

धन्यवाद शोभा ऑन्टी जी…सुक्रिया की आपने मेरा प्रोत्साहन बढ़ाया…

yamunapathak के द्वारा
January 8, 2016

प्यारी सी संमिता की प्यारी सी अभिव्यक्ति….समाज के जो दकियानूसी रीति रिवाज़ हैं उनसे तो हमें ही निबटना होगा न ? बहुत ही सुन्दर

sanmitadeo के द्वारा
January 10, 2016

धन्यवाद यमुना पाठक जी..आपका कहना बिलकुल सही है की इस सामाजिक उलझन को हम सब महिलाये मिल कर मिटा सकते है परन्तु इसे जड़ से मिटाने के लिए हर वर्ग के मनुष्य चाहे वो बड़े हो या छोटे चाहे वो पुरुष हो या महिला..हमे सबकी साथ की जरूरत है


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