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पहचान

Posted On: 3 Mar, 2016 कविता,Junction Forum में

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# हम लड़कियाँ इतने बेबस क्यों होते हैं की अपनी आत्म इच्छा का ही गला घोट देते है…
ऐ ख़ुदा क्यों हमे इतना बेबस बनाया…
की हर वक़्त अपनी ज़िन्दगी को दांव पर लगाया ..
चाहे रहू बेटी..चाहे रहू बहु…
हर मोड़ पर हर रिश्ते ने खामोश रहना सिखाया …

# कहना चाहती है हम लड़कियाँ की हम भी किसी से कम नहीं हैं….
ऐ ख़ुदा क्यों हमे इतना बेबस बनाया…
की हर वक़्त हर किसी ने निचा दिखाया..
चाहे रहू बहन ..चाहे रहू पत्नी..
हर ज़र्रे- ज़र्रे ने मर-मर कर जीना सिखाया….

# आखिर क्यों नहीं हमारी भी कोई इस समाज में पहचान हैं….
ऐ ख़ुदा क्यों हमे इतना बेबस बनाया..
की हर पल खुद से ही खुद की पहचान को छुपाया..
चाहे रहू माँ ..चाहे रहू किसी की बच्ची…
हर किसी ने खुद से पहले किसी और का ख्याल रखना सिखाया …

# आखिर इतना लड़के और लड़कियों में फर्क क्यों हैं ..
ऐ ख़ुदा क्यों हमे इतना बेबस बनाया…
की हर छन दुसरो की खुशी की खातिर..बनी किसी और की काया..
चाहे रहू हमनवा चाहे..चाहे रहू किसी की हमसफ़र..
हर किसी ने लड़की होने का अहसास कराया…

Web Title : Maa

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ritu Gupta के द्वारा
March 7, 2016

मार्मिक कविता

sanmitadeo के द्वारा
March 8, 2016

जी रितु जी कुछ ऐसा ही है..स्त्री का हाल इस समाज में चाहे कितनी भी सफलता क्यों न मिल जाये लेकिन उनकी महत्व पुरुष से निचे रहेगी..


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