Maa

Just another Jagranjunction Blogs weblog

27 Posts

25 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 23167 postid : 1177707

सोचा ना था…

Posted On 16 May, 2016 Junction Forum, कविता में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

किसी को चाहना..
नफरत करने से ज्यादा कठिन होगा..
सोचा ना था…

किसी को भूलना…
याद करने से ज्यादा कठिन होगा…
सोचा ना था…

किसी की चाह में..
किसी और से बातें करना…
ज्यादा कठिन होगा सोचा ना था..

किसी का होकर जीना..
किसी के लिए जीने से ज्यादा कठिन होगा…
सोचा ना था…

किसी को खोना..
समझौता करने से ज्यादा कठिन होगा
सोचा ना था ..

Web Title : maa

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran