Just another Jagranjunction Blogs weblog

27 Posts


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 23167 postid : 1186050


Posted On: 4 Jun, 2016 कविता,Junction Forum,Hindi Sahitya में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

# ये समय भी कितना फिरंगी होता है;
किसी पल दोस्त तो,किसी पल किसी को..
दुश्मन बना जाता है…
# ये समय भी कितना मनमौजी होता है;
किसी पल मिलाना,किसी पल किसी को…
रुशवा कर जाता है…
# ये समय भी कितना खुशमिज़ाज़ होता है;
किसी पल इंतज़ार तो,किसी पल किसी को…
अपना बना जाता है…
# ये समय भी कितना कीमती होता है..
किसी पल रईश तो , किसी पल किसी को..
फ़क़ीर बना जाता है…
# ये समय भी कितना खुशकिस्मत होता है;
किसी पल एकआश तो , किसी पल किसी का ..
इंतज़ार बन जाता है…
# ये समय भी कितना मतलबी होता है,
किसी पल जिंदगी जीने के माईने तो, किसी पल किसी की..
ज़िन्दगी को समझौता बना जाता है..

Web Title : Maa

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 4.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment



नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

topic of the week

latest from jagran